रस किसे कहते है, परिभाषा, उदाहरण सहित

रस की परिभाषा –

कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक आदि को पढ़ने सुनने या देखने से लोगों को जो एक प्रकार से आनन्द की अनुभूति होती है, उसे रस कहा जाता है । रस को काव्य का आननद मान सकते है मानव ह्रदय भाव का भंडार है समय समय जो भाव जागृत होते है । उन भावों के अनुरूप ही रस की अनुभूति होती है ।

रस के अंग

  1. स्थायी भाव
  2. संचारी भाव
  3. अनुभाव
  4. विभाव

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