प्रेमचंद की रचनाएं | Munshi premchand ki rachnaye in Hindi

प्रेमचंद की रचनाएं | Munshi Premchand ki Pramukh Rachnaye

उपन्यास

  1. रूठी रानी
  2. सेवासदन
  3. प्रेमाश्रम 
  4. रंगभूमि
  5. निर्मला
  6. कायाकल्प
  7. प्रतिज्ञा
  8. गबन
  9. कर्मभूमि
  10. गोदान
  11. मंगलसूत्र 

कहानी

प्रेमचंद की रचनाएं मुंशी प्रेमचंद का पहला कहानी संग्रह सोज़े वतन(राष्ट्र का विलाप) नाम से जून 1908 में प्रकाशित हुआ। इसी  की पहली कहानी दुनिया का सबसे अनमोल रतन को आम तौर पर उनकी पहली प्रकाशित कहानी माना जाता रहा है। 

 कहानियों की सूची | Munshi Premchand Stories In Hindi

इज्जत का खून
इस्तीफा
ईश्वरीय न्याय
एक आँच की कसर
कप्तान साहब
कर्मों का फल अन्धेर
अपनी करनी
अमृत
आखिरी तोहफ़ा
आत्म-संगीत
कोई दुख न हो तो
कौशल़
गैरत की कटार
गुल्‍ली डण्डा
घमण्ड का पुतला
ज्‍योति
जुलूस
ठाकुर का कुआँ
त्रिया-चरित्र
तांगेवाले की बड़
तिरसूल
दण्ड
दुर्गा का मन्दिर
दूसरी शादी
दिल की रानी
दो सखियाँ
नबी का नीति-निर्वाह
नरक का मार्ग
नसीहतों का दफ्तर
नाग-पूजा
निर्वासन
पंच परमेश्वर
पत्नी से पति   बन्द दरवाजा
पुत्र-प्रेम
प्रतिशोध
प्रेम-सूत्र
परीक्षा
पूस की रात
बेटोंवाली विधवा
बड़े घर की बेटी   बड़े भाई साहब
बाँका जमींदार
मैकू
मन्त्र
मनावन
मुबारक बीमारी
र्स्वग की देवी
राष्ट्र का सेवक
लैला
विजय
विश्वास
शंखनाद
शूद्र
शराब की दुकान
शादी की वजह
स्वांग             होली की छुट्टी   दूध का दाम
 स्त्री और पुरूष
स्वर्ग की देवी
सभ्यता का रहस्य
समर यात्रा
समस्या
स्‍वामिनी
सिर्फ एक आवाज
सोहाग का शव
होली की छुट्टी
नम क का दरोगा
गृह-दाह

Meera Ke Pad

कहानी संग्रह | Munshi Premchand ki Kahani

Munshi Premchand Ki Kahani
Munshi Premchand Ki Kahani
  1. सप्तसरोज
  2. नवनिधि- यह प्रेमचंद की नौ कहानियों  है। जैसे-मर्यादा की वेदी, पाप का अग्निकुण्ड, राजा हरदौल, रानी सारन्धा, जुगुनू की चमक, धोखा, अमावस्या की रात्रि, ममता, पछतावा  आदि।
  3. प्रेमपूर्णिमा‘,
  4. ‘प्रेम-पचीसी’,
  5. ‘प्रेम-प्रतिमा’,
  6. ‘प्रेम-द्वादशी’,
  7. समरयात्रा

नाटक

  1. संग्राम
  2. कर्बला
  3. प्रेम की वेदी

प्रेमचंद के कुछ निबन्धों की सूची | List of some essays of Premchand in Hindi

List of some essays of Premchand in Hindi
List of some essays of Premchand in Hindi
  1. महाजनी सभ्‍यता,
  2. उपन्‍यास,
  3. जीवन में साहित्‍य का स्‍थान।
  4. कौमी भाषा के विषय में कुछ विचार,
  5. हिन्दी-उर्दू की एकता
  6. पुराना जमाना नया जमाना,
  7. स्‍वराज के फायदे,
  8. कहानी कला (1,2,3),

तो दोतों उम्मीद करता हुन Munshi premchand ki rachnaye in Hindi पे हमारा यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। अगर आपके कुछ सुझाव हे तो निचे कमेंट मैं जरूर बताइये।

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